बेहद हसीन था वो पल…

कानों की बालियां ......जब जब तुम्हें देखा फूलों से कोई ख़्वाब सामहका थाबरसते सावन में आरजूओं का कारवांतुम्हारी ही यादों में जिया थानूर की बूंदें कानों कीबालियों में जो पहनी मैनेएक कतरा चांद का…
Read More...

टैरिफ की टकराहट में उलझा भारत-अमेरिकी व्यापार समझौता: क्या बनेगी बात ?

के.के.झा, इंदौर : 9 जुलाई 2025 तक जिस भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी, वह अब भी अधर में लटका है। यह सिर्फ एक समझौता नहीं, बल्कि दोनों लोकतंत्रों की नीतियों, प्राथमिकताओं और प्रतिबद्धताओं की परीक्षा है। भारत की…
Read More...

दिल…एक लघुकथा

दिल....    रात होते ही सारी दुनिया सपनों की सुनहरी दुनिया में खो गई।दिल ने देखा असंख्य तारे आसमान में झिलमिला रहे थे।रात की नीरवता में तारों को दिल की धड़कन स्पष्ट सुनाई दे रही थी।तारों ने टिमटिमाकर दिल का स्वागत किया।दिल भी…
Read More...

इंतजार …साजन का

इंतजार....अपने साजन का............…..............................यह खिड़की और बारिश की बूंदे।सरसती मदमस्त पवन।कब आओगे, मेरे साजन।तुमने कहा था ना, आओगे इस बार। सूना आंगन, सूने सूने मेरे नयन।कब आओगे ,मेरे साजन।…
Read More...

नदी ने सागर से पूछा – क्या तुम किसी की प्यास बुझा सकते हो..?

सागर ... एक लघुकथाइठलाती नदी झूमती,बलखाती बही जा रही थी।कल कल करता नदी का जल जैसे खुशी से छलछला रहा था।किनारे पर कभी वह पेड़ों को,लताओं को भिगोता तो कभी पनिहारिनो की मटकी में प्यास बुझाने का मीठा स्त्रोत बन जाता।    आज नदी…
Read More...

खामोश निगाहें और गुलाब पर बारिश की बूंदे

यादों का सिलसिला.....................तुमने मुझे जो सुर्ख गुलाबउपहार में दिया थावो उपहार नहींमेरी सांसों को महकतीयादों का सिलसिला दिया थावो सुर्ख गुलाबों की भीनी भीनी महक थीजो कविता की पुस्तक में गुलाबी…
Read More...

सृजन हमेशा वंदनीय – एक लघुकथा

सृजन - लघुकथा    झील में हंस,हंसिनी के साथ अठखेलियां कर रहा था।कभी अपने भीगे पंखों से हंसिनी पर फुहारों की वर्षा करता तो कभी सोचता कमल पत्तों पर थिरकती ओस के मोतियों से हंसिनी का शृंगार करूं।लाल,गुलाबी,नीले कमल हंसों की जोड़ी देख…
Read More...

रिश्ता… एक अनोखी कविता

रिश्ता....तेरा मेरा रिश्ता है जन्मों का रिश्ता। रक्त से सिंचा,स्नेह से पाला ,ममता से दुलारा।कभी-कभी जब मैं खामोश हो जाती हूं। तेरे स्नेह भरे नयन सवाल करते। मेरी खामोशी में छुपे दर्द को पढ़ लिया करते। बस यूं ही…
Read More...

रिश्ता… एक अनोखी कविता

रिश्ता....तेरा मेरा रिश्ता है जन्मों का रिश्तारक्त से सिंचा,स्नेह से पाला ,ममता से दुलारा।कभी-कभी जब मैं खामोश हो जाती हूं। तेरे स्नेह भरे नयन सवाल करते। मेरी खामोशी में छुपे दर्द को पढ़ लिया करते। बस यूं ही अपनी…
Read More...

गर्मी ही जीवन को जीवन देती है – एसएन मंगल

प्रयास न्यूज,,इंदौर। पर्यावरण संरक्षण अनुसंधान एवं विकास केंद्र (सीईपीआरडी) की साहित्य गोष्ठी ने जहां ग्रीष्म की उष्णता को काव्य के माध्यम से शीतलता प्रदान की, वहीं समसामयिक संदर्भों को भी भलीभांति रेखांकित किया।लंबी अस्वस्थता…
Read More...