सृजन हमेशा वंदनीय – एक लघुकथा
सृजन - लघुकथा झील में हंस,हंसिनी के साथ अठखेलियां कर रहा था।कभी अपने भीगे पंखों से हंसिनी पर फुहारों की वर्षा करता तो कभी सोचता कमल पत्तों पर थिरकती ओस के मोतियों से हंसिनी का शृंगार करूं।लाल,गुलाबी,नीले कमल हंसों की जोड़ी देख…
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