बच्चा पैदा करने का हक महिलाओं के हाथ में क्यों नहीं?
यह बात सालों से महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता कह रहे हैं। लगभग यही बात अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन (ऐपवा) की सचिव कविता कृष्णन ने दोहराई। कविता अमेरिका में गर्भपात पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शर्मनाक बताते हुए…
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