सार्वभौम
जलन असल में उस चोर की तरह है जो चुपके से, बिन बताए मन में घुस जाती है और भीतर कुंडी लगाकर बैठ जाती है। आप बेशक बाहर कितना ही पहरा लगा कर बैठे हों, एक बार इस चोर के मन में घुस जाने के बाद आप कुछ नहीं कर सकते। वह आपको अंदर से खोखला कर देता…
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