सेवा और समर्पण का एक विश्वस्तरीय प्रतीक हैं स्टेशन प्रबंधक श्री राकेश शर्मा

Station Manager Shri Rakesh Sharma : A world class symbol of service and dedication
Station Manager Shri Rakesh Sharma : A world class symbol of service and dedication

भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क में अगर कोई नाम सच्चे अर्थों में सेवा और मानवता का पर्याय बन चुका है, तो वह हैं-श्री राकेश शर्मा, स्टेशन प्रबंधक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन। उनका कार्य न केवल रेलवे सेवा का अनुकरणीय उदाहरण है, बल्कि एक ऐसा विश्व कीर्तिमान भी है, जिसकी मिसाल आज तक दुनिया के किसी रेलवे स्टेशन पर नहीं देखी गई।

श्री शर्मा ने अब तक 1,704 यात्रियों का खोया हुआ सामान न केवल खोजा, बल्कि उन्हें सुरक्षित रूप से लौटाया भी- जिनमें 40 विदेशी नागरिक भी सम्मिलित हैं। यह कोई साधारण कार्य नहीं, बल्कि कर्तव्य, संवेदनशीलता और करुणा की त्रयी का विलक्षण संगम है।

सेवा नहीं, यह है एक मानवीय अभियान

रेलयात्रा की भीड़-भाड़ में जब यात्रियों के कीमती सामान छूट जाते हैं, तो अधिकतर मामलों में उन्हें खोया मान लिया जाता है। लेकिन श्री शर्मा ने इसे चुनौती के रूप में लिया-PNR नंबर, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों से संपर्क कर उन्हें उनका सामान लौटाना अब उनके सेवा-संकल्प का हिस्सा बन चुका है।

वे अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, इटली, यूएई, दक्षिण कोरिया, नेपाल, अर्जेंटीना जैसे देशों के यात्रियों का भी सामान लौटा चुके हैं।

क्या-क्या लौटाया गया?

लैपटॉप, मोबाइल, ट्रॉली बैग, iPad, जेवरात, पासपोर्ट, पर्स, नकदी, विदेशी मुद्रा-और वो सुकून, जिसकी कोई कीमत नहीं।

सम्मान जिन्हें शब्दों की नहीं, कार्यों की गूंज मिली

श्री शर्मा को उनके प्रेरणादायी योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिनमें प्रमुख हैं:

      • स्पेशल जूरी अवार्ड – 2022 (EXIM द्वारा)
      • अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार – 2023 (माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा)
      • VIP गेस्ट व आउटस्टैंडिंग सर्विस रिकॉर्ड – 2023 (वेटरन्स इंडिया, रिद्धि परिवार फाउंडेशन व सुर झंकार कल्चरल सोसायटी)
      • समाज रत्न अवार्ड – 2024 (केकेएमसी द्वारा)
      • प्रेरणादीप सम्मान – 2025 (NBT द्वारा, उपराज्यपाल दिल्ली के हाथों)
      • NDTV “आज का सितारा” – ₹1,00,000 नगद सहित – 2022
      • “संकटमोचक” व “रेलवे मसीहा” (NDTV उपाधियाँ)
      • “एक अलग व्यक्तित्व” सम्मान – 2004 (राष्ट्रीय सहारा)
      • जीएम, एजीएम, मेंबर ट्रैफिक, स्टाफ, DRM, COM आदि द्वारा अनेक वर्षों में पुरस्कृत

डिजिटल युग से पहले का भी एक प्रेरक अध्याय

उस दौर में जब मोबाइल फोन आम नहीं थे, अगर किसी यात्री के पास घर लौटने का साधन नहीं होता था, तो श्री शर्मा स्वेच्छा से टिकट खरीदकर उसे उसके घर तक पहुंचवाते थे। न कोई औपचारिकता, न प्रचार-बस एक अदृश्य संकल्प कि “किसी भी मुसाफिर को बेसहारा न छोड़ूं।”

वर्षवार लौटाए गए सामान की संख्या:

वर्षसामान की संख्या
2016 2
201725
201819
201975
202088
2021129
2022291
2023390
2024476
2025अब तक) 209

 विदेशी नागरिकों को लौटाया गया सामान – देशवार विवरण:

देशसामान की संख्या
यूके10
यूएसए8
कनाडा5
केन्या 3
ऑस्ट्रेलिया 2
नेपाल 2
जर्मनी, इटली, अर्जेंटीना, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, यूक्रेन, कोरिया, यूएई, बार्सिलोना, इंडो-तिब्बत – 1-1

 भारत के राज्यों से सामान लौटाने का ब्यौरा :

राज्यसामान की संख्या
दिल्ली10
उत्तर प्रदेश8
पंजाब5
हरियाणा 3
बिहार 2
चंडीगढ़ 2
महाराष्ट्र64
पश्चिम बंगाल57
(अन्य सभी राज्यों सहित कुल 1704 मामले)

 लौटाई गई कुल राशि एवं विदेशी मुद्रा :

भारतीय नकद22,25,988/-
अमेरिकी डॉलर2,106
चीनी RMB2,200
बंको डे चिली1,600
रियाल1

 लौटाए गए आभूषण एवं कीमती वस्तुएं :

सोने की चेनसामान की संख्या
ईयररिंग्स2
नोजपिन6
डायमंड/गोल्ड रिंग3
मंगलसूत्र4
नेकलेस2
मांगटीका 1
चांदी की पायल2
अन्य कीमती वस्तुएं5

भारतीय रेल का गौरव, देश का प्रेरणास्तम्भ

श्री राकेश शर्मा ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर कर्तव्य में करुणा जुड़ जाए, तो सेवा एक मिशन बन जाती है। वे न केवल भारतीय रेलवे, बल्कि समस्त भारतवर्ष के लिए प्रेरणा के जीवंत स्तम्भ हैं। उनकी सेवा ने साबित कर दिया है-हीरो फिल्म में नहीं, स्टेशन पर भी मिलते हैं।

भारतीय रेल उनके समर्पण को नमन करती है- और देश उनके गौरवमयी योगदान पर गर्व करता है।

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