बीसीएम पैराडाइज से निपानिया चौराहे तक मॉडल सड़क बनाने की मांग
पिछले कई महीनों से रहवासी हो रहे परेशान
जनता परेशान, वर्षा ऋतु में दुर्घटनाओं का खतरा

प्रयास न्यूज , इंदौर । पिछले छह महीनों से शहर के निपानिया क्षेत्र को मुख्य शहर से जोड़ने वाली तुलसी नगर पुलिया और बीसीएम पैराडाइज के बीच की मुख्य एवं व्यस्ततम सड़क पर चल रहा रिटेनिंग वॉल का निर्माण कार्य कछुए की चाल से चल रहा है। करीब पौने तीन करोड़ की लागत से बन रही इस परियोजना की सुस्ती ने न केवल तुलसी नगर पुलिया और बीसीएम पैराडाइज के बीच चीर प्रतीक्षित सड़क चौड़ीकरण के कार्य को ठप कर दिया है, बल्कि ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा दिया है। लगभग 2.75 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह वॉल तुलसी नगर पुलिया और बीसीएम पैराडाइज चौराहे के बीच नाले के एक तरफ बनाई जा रही है। तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद कार्य पूरा न होने से निपानिया क्षेत्र के इस प्रमुख सड़क के पुनर्निर्माण एवं चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका। नतीजतन, इस व्यस्त सड़क पर रोजाना हजारों वाहन चालकों को जाम, असुविधा और दुर्घटना के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
यह सड़क, जो निपानिया और बायपास को मुख्य शहर से जोड़ती है, वर्तमान में एक संकरे, टूटे-फूटे डामर मार्ग तक सिमट गई है। एक तरफ गहरे नाले के पास रिटेनिंग वॉल का निर्माण और डंप की गई मिट्टी है, तो दूसरी तरफ कच्ची मिट्टी और उबड़-खाबड़ रास्ता। सुबह से देर रात तक इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हल्की बारिश में भी यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों से भर जाता है, जिससे वाहनों का फिसलना और दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। हाल ही में इस सड़क पर कई हादसे हो चुके हैं।

स्थानीय लोगों की शिकायत:
वार्ड 36-37 रहवासी महासंघ के संयोजक के.के. झा और अध्यक्ष राजेश तोमर ने बताया कि एक साल से अधिक समय से इस सड़क का निर्माण कार्य रिटेनिंग वॉल के अधूरेपन के कारण रुका हुआ है। उन्होंने कहा, “यह सड़क निपानिया और बायपास को शहर से जोड़ने का एक प्रमुख सड़क है। निर्माण में देरी के कारण न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही है, बल्कि तुलसी नगर कॉलोनी के अंदर से वाहनों का आवागमन बढ़ने से कॉलोनी की शांति भंग हो रही है और दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है।”
कॉन्ट्रैक्टर की सफाई, इंजीनियर की चुप्पी:
रिटेनिंग वॉल के निर्माण में देरी के लिए कॉन्ट्रैक्टर ने नगर निगम के ड्रेनेज और चैंबर से रिसने वाले पानी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 15-20 दिनों में कार्य पूरा हो जाएगा। हालांकि, मौके पर मौजूद निर्माण कंपनी के इंजीनियर ने सवालों से बचते हुए कोई जवाब नहीं दिया और मोटरसाइकिल पर निकल गए।
वर्षा ऋतु से पहले कार्य पूरा करने की मांग:
तुलसी नगर रहवासी संघ के संजय यादव, राकेश जायसवाल, राधिका पैलेस रहवासी संघ के रूपेश शर्मा, पुष्पविहार एक्रसटेंशन रहवासी संघ के कृष्ण कुमार वर्मा, साईं कृपा कॉलोनी के दीपेश गुप्ता, एम आर 4 रहवासी संघ के अमित त्रिवेदी, महालक्ष्मी नगर रहवासी संघ के ब्रजेश पचौरी सहित क्षेत्र के रहवासियों ने मांग की है कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) युद्ध स्तर पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण पूरा करे, ताकि सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हो सके। रहवासी महासंघ ने यह भी सुझाव दिया कि तुलसी नगर पुलिया से बीसीएम पैराडाइज चौराहे के बीच सड़क की चौड़ाई को 23 मीटर से बढ़ाकर 30 मीटर किया जाए, जैसा कि बॉम्बे हॉस्पिटल से तुलसी नगर पलिया तक की सड़क की चौड़ाई है। ऐसा न करने पर भविष्य में ट्रैफिक की बढ़ती भीड़ के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मॉडल सड़क की मांग:
रहवासी महासंघ ने जिला प्रशासन, नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण से बीसीएम पैराडाइज से निपानिया चौराहे तक ग्रीन बेल्ट के दोनों तरफ मॉडल सड़क बनाने की मांग की है। वर्तमान में तुलसी नगर-अपोलो डीबी सिटी सड़क का आधा किलोमीटर हिस्सा बंद पड़ा है, जहां बड़े-बड़े पेड़ उग आए हैं। इससे सारा ट्रैफिक निपानिया चौराहे से अपोलो डीबी सिटी सड़क पर आ रहा है, जिससे दबाव बढ़ गया है। एक दिन पूर्व इसी सड़क पर एक कंटेनर वाहन ने दो बाइक सवारों की टक्कर मार दी जिसमें एक युवक की मौत हो गई।
