भारत को भी खतरे के बड़े संकेत, संक्रमित व्यक्ति एक लाख से ऊपर

भारत में वर्तमान में एक लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। पूरे विश्व के साथ भारत में भी करोना की तीसरी लहर दस्तक दे रही है। लोगों को अब विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दिए गए गाइडलाइंस का पालन करना होगा अन्यथा फिर हमें कोविड-19 के संक्रमण को झेलना पड़ेगा। विश्व स्वास्थ संगठन के आपातकाल प्रमुख माइकल रयान के अनुसार कोविड-19 का संक्रमण अभी विश्व में खत्म नहीं हुआ हैद्य यूरोप जैसे सक्षम एवं ताकतवर उपमहाद्वीप के अधिकांश देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण में बेतहाशा वृद्धि हुई हैद्य अधिकांश देश कोरोना वायरस के चपेट में आ गए हैं।

 

वहां लगभग 50 से 60त्न संक्रमण में वृद्धि हुई है। विश्व स्वास्थ संगठन के आंकड़ों के हिसाब से यूरोपीय देश तथा मध्य एशिया के ज्यादातर देश करोना के पुनरुत्थान के वास्तविक खतरे का फिर से सामना करने की स्थिति बन सकती है। यह देश पहले से ही कोविड-19 के संक्रमण से जूझ रहे हैंद्य विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वायरस की एक और लहर के खतरे का अंदेशा बहुत ज्यादा बढ़ गया हैद्य उन्होंने कहा की बहुत बड़ी मात्रा में कोविड-19 के संक्रमण के विरोधी वैक्सीन उपलब्ध होने के बावजूद वैक्सीनेशन की निरंतरता में कमी के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा हैद्य उन्होंने संपूर्ण विश्व से निवेदन किया है कि वैक्सीनेशन की निरंतरता में अंतर ना लाकर टीकाकरण में तेजी लानी होगीद्य विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेडरोस एडनाम धेबियस ने कहा है कि जिन देशों ने 40 से 50त्न तक अपने देश की जनसंख्या का टीकाकरण कर दिया है,वे बची हुई वैक्सीन की खुराक को विकासशील देशों को दान कर दें। क्योंकि कई विकासशील देशों में बड़ी मुश्किल से पहला टीका ही मिल पाया है। ऐसे में यदि विकसित देश विकासशील देशों की मदद करेंगे तो वहां कोविड-19 के संक्रमण से जनसंख्या सुरक्षित रह सकती है। विश्व स्वास्थ संगठन की चेतावनी के अनुसार यूरोप के लगभग 55 देश करोना संक्रमण के रिकॉर्ड स्तर पर फिर से पहुंच चुके हैं। यहां संक्रमण की रफ्तार बहुत तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि हम करोना संक्रमण के निर्णायक मोड़ पर आकर खड़े हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका भी करोना संक्रमण के भयानक दौर से गुजर रहा है, वहां लगभग 8 लाख लोगों की कोविड-19 संक्रमण से मौतें हो चुकी हैं और लगातार संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। इसी तरह ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यू जीलैंड,इजराइल एवं अन्य देश भी संक्रमण से लगातार युद्ध कर रहे हैं। यूरोपीय देशों में तो कोविड-19 संक्रमण के वैक्सीनेशन की कमी के कारण एवं उनमें भारी अंतर के कारण अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में 50 से 55त्न तक की वृद्धि पाई गई है। यह आंकड़े पूरे विश्व को डरावनी तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। अगर यही स्थिति रही तो इस पूरे क्षेत्र में 5 लाख और लोगों की भविष्य में मृत्यु की संभावना बढ़ गई है। यह आंकड़े तो पश्चिमी सक्षम और बाहुबली देशों के संक्रमण के हैं।

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