प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उपकृत करने के लिए तैयार की जा रही योजना

इंदौर। आप मानें या न मानें लेकिन हकीकत यही है, कि प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उपकृत करने के लिए अब डीएवीवी जाएगी दानदाताओं के व्दार और मैडल स्पांसर करने के लिए लगाएगी गुहार। इसके लिए न केवल योजना तैयार की जा रही है, बल्कि शहर के तमाम उद्योगपतियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवी दानदाताओं की लिस्ट भी बनवाई जा रही है।
दरअसल अभी की स्थिति में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में लगभग ५० से अधिक ऐसे कोर्स संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को एक भी मैडल नहीं दिया जाता है। इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि उन कोर्स को किसी भी दानदाता ने स्पान्सर नहीं किया है। अब ऐसे कोर्स जिनमें एक भी मैडल स्पान्सर नहीं होता, उनके लिए यूनिर्वसिटी अपने बजट से राशि जमा करवा सकती है। इसके लिए अब यूर्विसिटी के जिम्मेदारों की एक टीम शहर के उद्योगपतियों, जनप्रतिनिधियों और बुध्दिजीवी दानदाताओं से संपर्क कर विभिन्न कोर्स के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मैडल स्पान्सर करने की गुहार लगाएगी।
कुलपति की मौजूदगी में दीक्षांत समारोह में किया जाता सम्मान
यहां पर यह प्रासंगिक है कि हर साल विश्वविद्यालय व्दारा दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाता है। इसमें कुलाधिपति की मौजूदगी में इन टापर्स छात्र-छात्राओं को मैडल प्रदान कर सम्मानित किया जाता है। प्रत्येक कोर्स के कम से कम एक यूनिर्वसिटी टापर्स को इसमें शामिल किया जाता है। इस दृष्टि से यह पहल बहुत ही अच्छी है और जितने ज्यादा स्पांसर मिलेंगे, उतने ज्यादा कोर्स में मैडल भी बढेंगे। वैसे भी हर कोर्स में कम से कम एक मैडल तो होना ही चाहिए ताकि प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स का उत्साहवर्धन हो और अन्य स्टूडेंट्स अच्छी स्टडी के लिए प्रोत्साहित हों।
