दामाद संभाल रहे डेकोरेशन और आमिर खुद की शादियों के प्रोजेक्ट
बेटे देखते है पिता की बार बार शादी

प्रयास न्यूज फिल्म समीक्षा । “आमिर खान बॉलीवुड के अकेले ऐसे कलाकार हैं,
जो फिल्मों से ज्यादा अपने रिश्तों के ‘सीक्वल’ के लिए चर्चा में रहते हैं…
जहाँ आम आदमी एक शादी की सालगिरह याद रखने में परेशान रहता है,
वहीं आमिर खान ने वैवाहिक जीवन को पूरी फ्रेंचाइज़ी बना दिया है
पहली पत्नी आईं,
फिर दूसरी,
अब तीसरी…
लगता है आमिर खान ने शादी को भी अपनी फिल्मों की तरह ‘एक्सपेरिमेंटल सिनेमा’ मान लिया है
फर्क सिर्फ इतना है कि उनकी फिल्मों का ट्रेलर पहले आता है,
और शादी का अपडेट बाद में…
अब लोग यह नहीं पूछ रहे कि अगली फिल्म कब आ रही है,
बल्कि यह पूछ रहे हैं कि ‘शादी यूनिवर्स’ का अगला पार्ट कब रिलीज़ होगा!
हालाँकि एक बात माननी पड़ेगी…
अगर पहली दोनों पत्नियाँ और बच्चे भी खुशी से समारोह में शामिल हुए हैं,
तो यह साबित करता है कि आमिर खान रिश्ते खत्म नहीं करते,
बस उनका
‘फॉर्मेट’ बदल देते हैं!
देश में दो चीजों पर
चर्चा कभी खत्म नही होती है
एक राजनीति
ओऱ दूसरी आमिर की शादी…
फर्क बस इतना है
राजनीति में गठबंधन टूटते जुड़ते है
आमिर खान के जीवन में रिश्तों के अध्य्याय खुलते रहते है
आम आदमी एक शादी निभाने में ही पूरा जीवन लगा देता है
बच्चो की फीस,
सिलेंडर, बिजली का बिल,emi ओऱ रिश्तेदारों के ताने सुनते सुनते ही उसके बाल सफेद हो जाते है
लेकिन आमिर खान ने साबित कर दिया
की शादी भी एक कला है
ओर वे इस कला के परफेक्शनिस्ट है
आमिर खान का पारिवारिक मॉडल, परिवार व्यवस्था से आगे निकलकर कारपोरेट मैनेजमेंट का विषय बन चुका है
देखना जल्दी ही iim में
एक नया केस स्टडी पढ़ाया जाएगा…
रिलेशनशिप मैनेजमेंट
“द आमिर खान मॉडल”
इस मॉडल की सबसे
सबसे बड़ी खासियत यह है की
यंहा तलाक का मतलब
दुश्मनी नही
बल्कि पूर्व सहयोगी बन जाना है..
दोनो पूर्व पत्नियों को एक साथ कार में बैठाकर
तीसरी से शादी करने जाना
कमाल का मैनेजमेंट है,
आम आदमी तो तलाक के बाद एक दूसरे का चेहरा देखना भी पसन्द नही करते है
लेकिन यंहा पूरा परिवार एक साथ बैठकर फ़ोटो खिंचवा रहा है
बेटी दामाद डेकोरेशन का
काम देख रहे है
बड़ा बेटा खाने की व्यवस्था देख रहा है
ओर कितना भाईचारा चाहिए…
यह देखकर कई लोगो को अपने पारिवारिक झगड़ो पर शर्म आ रही होगी…
आम भारतीय बच्चे अपने बाप की शादी सिर्फ फ़ोटो एलबम में ही देख पाते है
लेकिन आमिर खान के बच्चे इतने खुशकिस्मत है
की अपने बाप की शादी बार बार देखते है
मेरा मानना है
की आमिर खान शादी नही करते है
बल्कि रिलेशनशिप प्रोजेक्ट लांच करते है
पहले रिसर्च
फिर डेवलपमेंट
फिर लांच
ओऱ फिर कुछ वर्षों बाद नया वर्जन,
देश की जनता भी अब
आमिर खान की अगली फिल्म का नही
अगली प्रेस कांफ्रेंस का इंतजार करती है,
देखो गरीबो यह होती है
पैसों की ताकत…
(यह लेख सुप्रसिद्ध और निष्पक्ष लेखक देवेंद्र चौहान इंदौर की कलम से उनके निजी विचार है )
