रावण दहन में इतनी भीड़ की स्टेडियम पड़ गया छोटा
आयोजन समिति की मेहनत ने रच दिया इतिहास

प्रयास न्यूज, शाजापुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया गया। नगरवासियों के उत्साह और उल्लास को आकर्षक बनाने में इस वर्ष गठित समिति ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी जिनके द्वारा की गई तैयारियां जब धरातल पर उतरी तो हर कोई आश्चर्य चकित हो गया। जिस तरह भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था वही दृश्य लोगों के सामने दिखाई दिया, जिसे देखते ही हर कोई प्रभु श्री राम का जयकारा लगाते दिखा।

सर्व हिन्दू उत्सव समिति अध्यक्ष पं. आशीष नागर द्वारा इस बार दशहरा उत्सव आयोजन की जवाबदारी समिति अध्यक्ष दीपक चौहान, सचिव मनीष सिसौदिया, सह संयोजक जलज ठाकुर और कोषाध्यक्ष नरेंद्र प्रजापति को सौंपी थी। जिसके चलते दशहरा उत्सव समिति अध्यक्ष दीपक चौहान व सचिव मनीष सिसौदिया के नेतृत्व में पर्व इतिहास के पन्नो में दर्ज हो गया। समिति पदाधिकारियों व सहयोगियों ने पर्व को रोमांचक और आकर्षक बनाने के लिए दिन-रात एक कर दिए। इस बार समिति ने नगरवासियों के मनोरंज के साथ-साथ उनकी सुविधा का भी ध्यान रखा। जिनके द्वारा 20 हजार पानी की बोतलों का वितरण किया। इसके अलावा मुख्य मंच के साथ ही आमंत्रित गणमान्य नागरिकों के लिए समानांतर मंच बनाया गया था ताकि वे भी पर्व सुविधा के साथ देख सकें।

पहली बार कटा रावण का सिर, गूंजा अट्टाहस
समिति अध्यक्ष दीपक चौहान सहित सभी पदाधिकारियों ओर सहयोगियों के प्रयासों से इस बार का रावण दहन कार्यक्रम आकर्षक और रोमांच से भरा रहा। इस बार पूरे कार्यक्रम के दौरान रावण के दानवी अट्टाहस गूंजते रहे, जिसे लोगांे ने खूब सराहा। इसके अलावा दो बार रावण का सिर प्रभु श्री राम के बाण से कटा। जिसने भी यह नजारा देखा वह देखता ही रह गया। इसके बाद नाभि में तीर लगने के बाद रावण का दहन हुआ। यही नहीं इस बार कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी बनाए गए थे ओर उनका दहन भी किया गया। इस नवाचार को भी लोगों ने खूब सराहा।
खचाखच भराया स्टेडियम, छतों और सड़कों पर भी जमा हुए लोग
आयोजन को लेकर जितनी तेयारियां की गई थी उसे धरातल पर भी उतारा गया। जिनकी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए समिति पदाधिकारियों ने खूब प्रचार-प्रसार भी किया। नतीजन इस वर्ष के आयोजन को देखने न सिर्फ नगरवासी बल्कि आसपास के जिलों से भी लोग स्थानीय कार्यक्रम छोड़ यहां पहुंचे। यही वजह थी कि हजारों की क्षमता वाला स्टेडियम भी छोटा नजर आने लगा ओर लोगों ने सड़कों से व अपने घरों की छतों पर पहुंचकर पूरा रावण दहन का कार्यक्रम देखा।

दूसरे दिन भी दिखा पर्व का उत्साह, एक-दूसरे को दी बधाई
गुरूवार को रावण दहन के बाद शुक्रवार को भी पर्व का उत्साह नजर आया। शुक्रवार को दिन भर नगर मे सन्नाटा पसरा रहा और लोगों ने दूसरे दिन भी पर्व मनाया। शहर के चौराहों पर लोग एक-दूसरे को पर्व की बधाई देते रहे।
शुक्रवार को शहर के व्यापारियों ने दशहरे के लिए अवकाश घोषित कर लिया और दिनभर पर्व मनाने में व्यस्त रहे। लोगों ने दिनभर एक-दूसरे के घर पहुंचकर पर्व मनाया। तो शहर के चौराहों पर भी पर्व का उत्साह देखने को मिला जहां बड़ों ने छोटों को आशीर्वाद दिया तो छोटों को भी बड़ों ने आशीर्वाद दिया। हालांकि शाम को बाजार जरूर खुले लेकिन लोग एक-दूसरे को बधाई देने में ही व्यस्त रहे। शाजापुर से सागर गौड की रिपोर्ट
