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लेखिका

इंतजार …साजन का

इंतजार....अपने साजन का............…..............................यह खिड़की और बारिश की बूंदे।सरसती मदमस्त पवन।कब आओगे, मेरे साजन।तुमने कहा था ना, आओगे इस बार। सूना आंगन, सूने सूने मेरे नयन।कब आओगे ,मेरे साजन।…
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नदी ने सागर से पूछा – क्या तुम किसी की प्यास बुझा सकते हो..?

सागर ... एक लघुकथाइठलाती नदी झूमती,बलखाती बही जा रही थी।कल कल करता नदी का जल जैसे खुशी से छलछला रहा था।किनारे पर कभी वह पेड़ों को,लताओं को भिगोता तो कभी पनिहारिनो की मटकी में प्यास बुझाने का मीठा स्त्रोत बन जाता।    आज नदी…
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खामोश निगाहें और गुलाब पर बारिश की बूंदे

यादों का सिलसिला.....................तुमने मुझे जो सुर्ख गुलाबउपहार में दिया थावो उपहार नहींमेरी सांसों को महकतीयादों का सिलसिला दिया थावो सुर्ख गुलाबों की भीनी भीनी महक थीजो कविता की पुस्तक में गुलाबी…
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