नीरज की आंखे दे गई जरूरतमंद को नई रोशनी
नवीन बारचे , कसरावद। बहती हवा सा था वो , उड़ती पतंग सा था वो , कहां गया उसे ढूंढो... अपने कर्मो से सबको अपना बनाने वाला नीरज जोशी अब इस दुनिया से विदा हो गया है । समाज को हमेशा नई दिशा नई सोच देने वाला नीरज अब बहुत दूर चला गया है ।
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