द्रौपदी मुर्मू की बड़ी जीत तय!

देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सोमवार को संसद भवन और राज्य विधानसभाओं में इसके लिए वोट डाले जाएंगे। देश भर के करीब 4,800 विधायक और सांसद राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करेंगे। वोटों की गणना में पार्टी और विपक्ष के बीच भारी अंतर को देखते हुए एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का देश के अगले राष्ट्रपति के रूप में चुनाव होना तय है। वह देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली आदिवासी समुदाय की पहली व्यक्ति होंगी। विपक्ष के आम उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने पूरे जोश के साथ अभियान जारी रखा, लेकिन चुनाव नजदीक आने के साथ ही वे विपक्षी कबीले के वोटों के बंटवारे को नहीं रोक पाए।सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के बाद सभी राज्यों से मतपेटियां दिल्ली लाई जाएंगी और 21 जुलाई को मतगणना के बाद देश के नए राष्ट्रपति के चुनाव की घोषणा की जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई की मध्यरात्रि को समाप्त हो रहा है और नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण 25 जुलाई को होगा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद भवन परिसर और राज्य विधानसभाओं में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। संसद भवन परिसर में मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के तमाम वरिष्ठ मंत्री और सांसद, विपक्षी-सांसदों के नेता भी वोट डालेंगे। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार मुर्मू को न सिर्फ बीजद, वाईएसआर कांग्रेस, अकाली दल बल्कि सत्ताधारी गठबंधन के अलावा जेडीएस, झामुमो, शिवसेना और टीडीपी जैसे विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला है। इससे साफ है कि द्रौपदी मुर्मू को करीब दो तिहाई वोट मिलने की संभावना है। विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए हालात चुनौतीपूर्ण नजर आ रहे हैं।
