तुम्ही बताओ क्या रखूं तुम्हारा नाम..

सुप्रसिद्ध कथाकार, साहित्यकार ,रचनाकार डॉ.रंजना फतेपुरकर की शानदार पंक्तियां

धड़कन…

लचकती शाखों पर खिलता गुलाब याद तुम्हारी दिलाता है 

सोचते हैं तुम्हारा नाम गुलाब रख दें 

पर डरते हैं 

शाम के ढलते ही तुम कहीं बिखर न जाओ

बदली में छुपा चांद

याद तुम्हारी दिलाता है 

सोचते हैं तुम्हारा नाम 

चांद रख दें

पर डरते हैं 

सितारों के दीप बुझते ही

कहीं तुम ढल न जाओ 

घटाओं में खिलता इंद्रधनुष

याद तुम्हारी दिलाता है 

सोचते हैं तुम्हारा नाम 

इंद्रधनुष रख दें

पर डरते हैं 

घटाओं के बरसते ही 

कहीं तुम छुप न जाओ

आओ तुम्हारा नाम धड़कन रख दें 

ताकि जिंदगी के रहते 

कभी तुम साथ न छोड़ पाओ

लेखक सुप्रसिद्ध साहित्यकार , रचनाकार , कथाकार डॉ. रंजना फतेपुरकर इंदौर है ।

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