गर्भवती की मौत : बिना अनुमति संचालित मदर केयर हॉस्पिटल सील
कलेक्टर इलैया राजा ने दिए सख्त निर्देश

इंदौर । कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने जिले में डिलेवरी के दौरान किसी भी प्रसूता की मृत्यु होने पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए ।डिलेवरी के दौरान प्रसूता की मृत्यु की हर घटना को गंभीरता से लेकर उसकी जाँच कराई जायेगी। कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने विगत माह एक निजी नर्सिंग होम में डिलेवरी के दौरान प्रसूता की हुई मृत्यु की घटना पर तुरंत एफआईआर दर्ज कराने और बगैर अनुमति के हास्पिटल संचालित करने पर उसे सील्ड करने के निर्देश दिये। यह कार्यवाही मूसाखेड़ी स्थित मदर केयर हॉस्पिटल के विरूद्ध की जायेगी।
कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी की अध्यक्षता में पिछले दिनों जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अभय बेडेकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एस. सेत्या, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गड़रिया सहित अन्य अधिकारी और चिकित्सक मौजूद थे।
बैठक में मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु, मातृ स्वास्थ्य प्रगति,शिशु स्वास्थ्य प्रगति एनआरसी, दस्तक अभियान, टीकाकरण प्रगति, आर.बी.एस.के.प्रगति, कुष्ठ निवारण कार्यक्रम, अन्धत्व कार्यक्रम, मलेरिया कार्यक्रम, क्षय उन्मुलन कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनसीडी कार्यक्रम, आयडीएसपी, आयुष्मान भारत कार्यक्रम, सिविल कार्यो की प्रगति, एनएचएम वित्तिय प्रगति की समीक्षा की गई।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी –
बैठक में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि जिले में मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जाये। इसके लिये हर जरूरी सुविधाएँ एवं इंतजाम सभी शासकीय अस्पतालों में सुनिश्चित किये जायें। प्रसूति के दौरान किसी भी प्रसूता एवं नवजात शिशु की मृत्यु की घटना को गंभीरता से लिया जायेगा। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। डिलेवरी के दौरान मृत्यु होने पर तुरंत जांच करायी जायेगी। जाँच में दोषी चिकित्सकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि हर एक मृत्यु हमारे लिये दु:,खद है। हम सबका सर्वोच्च दायित्व है कि हर किसी की जान को बचाया जाये।
एफआईआर दर्ज करने के निर्देश –
समीक्षा के दौरान कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने डिलेवरी के दौरान प्रसूता की मृत्यु में लापरवाही पाये जाने एवं बगैर अनुमति के नर्सिग होम संचालित करने पर मदर केयर हॉस्पिटल मूसाखेड़ी को तुंरत सील्ड करने एवं एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये। इस संबंध में लापरवाही पाये जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जोनल ऑफिसर को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिये गये।
