इंदौर में होगी 5 MLD पानी की बचत ,250 कर्मचारियों की टीम तैनात ,पानी के अपव्यय पर लगेगी रोक

नर्मदा जलप्रदाय परियोजना अंतर्गत व्यापक संधारण एवं सुधार कार्य संपन्न

प्रयास न्यूज, इंदौर । शहर में ग्रीष्मकालीन अवधि के दौरान निर्बाध एवं सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिनांक 19 एवं 20 फरवरी 2026 को परियोजना के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरणों अंतर्गत व्यापक संधारण एवं सुधार कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए।

प्रथम एवं द्वितीय चरण (180 MLD) – 

132 केवी सब-स्टेशन, छोटी खरगोन में ट्रांसफार्मर ऑयल टॉप-अप, सीटी ट्रांसफार्मर, आइसोलेटर, इंसुलेटर, कंडक्टर आदि उपकरणों की सर्विसिंग एवं आवश्यक विद्युत संधारण कार्य किए गए। 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन पर कंडक्टर, इंसुलेटर एवं जंपर प्रतिस्थापन कार्य संपादित किया गया।

इंदौर नगर निगम जल समिति प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा ने बताया कि ओल्ड इंटेक वेल (400 केडब्ल्यू वीटी मोटर पंप) पर पंपों की सर्विसिंग, ऑयल टॉप-अप, पैनल जांच एवं यार्ड की साफ-सफाई की गई। क्लियर वॉटर पंप हाउस (PH-2, PH-3, PH-4 एवं PH-5) में एचएससी पंप एवं मोटरों की जांच, ऑयलिंग, गैस्केट एवं ग्लैंड प्रतिस्थापन सहित संपूर्ण सिस्टम निरीक्षण किया गया।

180 MLD जल शोधन संयंत्र में चैनल, टैंकों, मॉडल चैंबर, वाल्व एवं गेट की साफ-सफाई एवं रखरखाव कार्य संपादित किए गए। साथ ही 1200 मिमी एमएस पाइपलाइन में एयर वाल्व एवं स्लूइस वाल्व की सर्विसिंग तथा छोटे रिसावों की मरम्मत की गई।

तृतीय चरण (363 MLD) – 

शर्मा ने बताया कि 132 केवी सब-स्टेशन, भकलाईं में ट्रांसफार्मर, केबल, पैनल आदि का संधारण कार्य किया गया। 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन पर आवश्यक प्रतिस्थापन कार्य किए गए। नर्मदा नदी इंटेक क्षेत्र में सबमर्सिबल पंपों एवं चैनल की साफ-सफाई की गई।

इंटेक वेल से बूस्टर पंप हाउस तक स्थापित 1300, 1700 एवं 2100 केडब्ल्यू वीटी पंपों का संधारण किया गया। 2134 मिमी एमएस पाइपलाइन के एयर वाल्व की सर्विसिंग की गई। 363 MLD भकलाईं जल शोधन संयंत्र में क्लेरिफायर टैंक, चैनल एवं मॉडल चैंबर की सफाई एवं आवश्यक रखरखाव कार्य संपन्न हुए।

जल अपव्यय रोकने हेतु विशेष अभियान- 

बबलू शर्मा ने बताया कि इंदौर शहर की जल आपूर्ति को सुदृढ़ करने हेतु 1200 मिमी पीएससी पाइपलाइन में हो रहे जल अपव्यय को रोकने के लिए वांचू प्वाइंट स्थित बीपीटी आउटलेट के पास लगभग 90 मीटर क्षतिग्रस्त पाइप को बदलकर नवीन पाइप स्थापित किया गया। साथ ही क्लोरीन डोजिंग व्यवस्था को नई पाइपलाइन पर स्थानांतरित किया गया, जिससे क्लोरीन की अनावश्यक खपत पर नियंत्रण संभव हो सके।

प्रथम एवं द्वितीय चरण की पाइपलाइन पर विभिन्न स्थानों पर लीकेज सुधार कार्य किए गए तथा 8 स्थानों पर क्षतिग्रस्त स्लूइस एवं एयर वाल्व को बदलकर नवीन वाल्व स्थापित किए गए।

तृतीय चरण अंतर्गत 1700 मिमी एमएस पाइपलाइन में राजीव गांधी चौक पर दिनांक 20 फरवरी 2026 को निर्धारित शटडाउन के दौरान लीकेज सुधार कार्य किया गया, जिसे लगभग 24 घंटे में पूर्ण कर जल अपव्यय रोका गया।

इसके अतिरिक्त देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर में निर्मित हो रही जल टंकी हेतु 1100 मिमी एमएस पाइपलाइन से इंटर-कनेक्शन कार्य भी पूर्ण किया गया।

उक्त समस्त कार्य लगभग 200–250 सदस्यों की टीम एवं आवश्यक मशीनरी के सहयोग से निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए। इन कार्यों से आगामी ग्रीष्मकाल में शहरवासियों को बेहतर दबाव के साथ नियमित एवं मानक गुणवत्ता का जल उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा।

शर्मा ने कहा कि इस कार्य के पूर्ण होने से लगभग 5 से 6 MLD पानी की बचत सुनिश्चित की जा सकेगी ।

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