पत्रकारिता के चाणक्य साबित हुए अरविंद तिवारी
मां सरस्वती समूह की मजबूती और एक दूसरे पर अटूट विश्वास रहा जीत का कारण
इंदौर प्रेस क्लब चुनाव 2025
– पत्रकारों के लिए कुछ ओर भी नया होने की संभावना

आदित्य उपाध्याय, प्रयास न्यूज, इंदौर । पिछले दिनों मध्यप्रदेश की पहचान माने जाने वाले इंदौर प्रेस क्लब के गरिमामय चुनाव संपन्न हुए ।जिसमें पत्रकारों और शहर को , पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी का गजब का चुनावी मैनेजमेंट देखने को मिला । तिवारी ने जहां अपने सम्बन्धों को भुनाया वही, अपने संपर्क क्षेत्र का लाभ भी पैनल को दिलवाया ।
सूत्रों की माने तो यह चुनाव अब तक का सबसे अद्भुत ,प्रतिष्ठापूर्ण ओर टसल वाला चुनाव रहा जहां जरा सी चूक हार में बदल सकती थी ।
हर छोटी छोटी बातों से लिया सबक –
अपने पत्रकारिता जीवन की हर छोटी छोटी बातों से सबक लेकर अरविंद तिवारी ने अपनी टीम को मजबूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जिसका फायदा चुनावी नतीजे देखकर लगाया जा सकता है ।
खुद का व्यवहार, सदस्यों का साथ और तिवारी का मैनेजमेंट –
दीपक कर्दम हो या प्रदीप जोशी , संजय त्रिपाठी हो या मुकेश तिवारी , अभिषेक चेडके हो या प्रियंका पांडे, प्रमोद दीक्षित हो या पूनम शर्मा या फिर श्याम कमले,अभय तिवारी ,मनीष मक्खर या अंशुल मुकाती, यह सब उम्मीदवार अपने खुद के व्यक्तिगत व्यवहार , सदस्यों के सहयोग और अरविंद तिवारी के कुशल मैनेजमेंट के चलते अपनी जीत इतिहास के पन्नो में दर्ज कर पाए है ।
जीतने वाले दे रहे अरविंद तिवारी को श्रेय –
इंदौर प्रेस क्लब चुनाव में अपनी जीत दर्ज करवाने वाले मां सरस्वती समूह के उम्मीदवार पत्रकारिता के चाणक्य , इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविंद तिवारी को अपनी जीत का श्रेय दे रहे है । इन सभी का मानना है कि, तिवारी के कुशल मैनेजमेंट के चलते इस प्रतिष्ठापूर्ण और टसल वाले बड़े चुनाव में जीत दर्ज करवाना बड़ी चुनौती थी लेकिन तिवारी के साथ और सहयोग ने यह चुनौती , उपहार में बदल दी ।जिससे पत्रकारिता के क्षेत्र में अरविंद तिवारी चाणक्य की भूमिका में नजर आए ।
