हर जोन में 25 हजार उपभोक्ता, सुधार कार्य के लिए एक ही गाड़ी

इंदौर। मानसून की आमद हो चुकी है, लेकिन बिजली विभाग के जोनल कार्यालयों पर फाल्ट सुधारने के लिए कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है। हालात यह है कि हर जोन में लगभग २५ हजार उपभोक्ता हैं और सुधार कार्य के लिए महज एक गाड़ी उपलब्ध कराई गई है।
उल्लेखनीय है कि शहर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कुल ३० जोनल कार्यालय हैं और सभी जोनल कार्यालयों के अंतर्गत २५ हजार से अधिक उपभोक्ता आते हैं। अभी तक प्रत्येक जोन को फाल्ट सुधार कार्य करने के लिए तीन वाहन आवंटित किये जाते थे। बावजूद इसके, इस बार हर जोनल कार्यालय को सिर्फ एक ही वाहन उपलब्ध कराया गया है। इधर, विद्युत उपकरणों एवं संसाधनों की भी किल्लत है। हर साल बारिश शुरू होते ही तेज हवा-आंधी एवं बारिश के चलते भारी संख्या में फाल्ट होते हैं, ऐसी स्थिति में हर जोन को महज एक गाडी उपलब्ध कराए जाने से परेशानी बढ जाएगी और लोगों को अंधेरे का सामना करना पड़ेगा। हालाकि, इस मामले में अधीक्षण यंत्री मनोज शर्मा का कहना है कि आवश्यकतानुसार जोन पर वाहनों की संख्या मेें वृद्धि कर दी जाएगी। यहां पर यह भी प्रासंगिक है कि शहर में बिजली लाइन के रख-रखाव एवं फाल्ट होने पर मरम्मत का काम ९० फीसदी आउट सोर्स कर्मचारियों के भरोसे है। उपभोक्ता लगभग सात लाख के आसपास हैं, लेकिन स्थायी लाइनमैन, हैल्पर ३०० भी नहीं हैं। कंपनी व्दारा नई भर्ती नहीं की जा रही है और गैर प्रशिक्षित कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष एक ही दिन में लगभग पांच इंच बारिश हुई थी, इस दौरान बिजली कंपनी के काल सेंटरों पर शिकायतों का अंबार लग गया था। उस वक्त फाल्ट सुधारने के लिए प्रत्येक जोनल कार्यालय पर तीन-तीन वाहन थे, फिर भी पांच-छ: घंटे तक फाल्ट नहीं सुधरे थे और लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब जबकि हर जोन को सिर्फ एक ही गाड़ी उपलब्ध कराई गई है तो सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है कि इस बार बिजली उपभोक्ताओं को किस तरह की परेशानियों से जूझना पड़ सकता है।
