उद्धव ठाकरे ने बुलाई बैठक, कमलनाथ, शरद पवार शामिल होंगे, देवेन्द्र फडनवीस भी सक्रिय

मुंबई/गुवाहाटी (ब्यूरो)। महाराष्ट्र का सियासी भूकंप थमने को तैयार नहीं है। सूरत के बाद आज सुबह 40 विधायकों के साथ बागी हुए एकनाथ शिंदे असम के गुवाहाटी के एक होटल में पहुंच गए हैं। उधर उद्धव ठाकरे ने भी आज दोपहर बाद बैठक बुलाई है, जिसमें शामिल होने के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ और शरद पंवार भी पहुंच रहे हैं। उधर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत शुरू कर दी है। ऐसा लगता है कि अब उद्धव ठाकरे की सरकार बचना मुश्किल है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि हम बाला साहब ठाकरे के हिन्दूत्व को आगे ले जाएंगे। इसी के लिए वे बगावत पर उतरे हैं। सत्तारूढ़ शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि उनके साथ 40 बागी विधायक असम के गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। गुवाहाटी एयरपोर्ट के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा, यहां 40 विधायक मेरे साथ मौजूद हैं। अतिरिक्त 10 विधायक जल्द ही मेरे साथ जुड़ेंगे। मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना को जारी रखने के इच्छुक हैं। कल रात सूरत के एक होटल का यह वीडियो है जहां शिवसेना के विधायक पार्टी नेता एकनाथ शिंदे के साथ असम के गुवाहाटी जाने से पहले तक रुके थे।
गुवाहाटी हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के विधायकों के आगमन से पहले, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज सुबह गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल का दौरा किया थी। इसी होटल में विधायक ठहरे हुए हैं।
उद्धव ने शिंदे से बातचीत के लिए मिलिंद नार्वेकर और ठाणे के विधायक रवींद्र फाटक को भेजा था। नार्वेकर-शिंदे की मुलाकात एक घंटे चली। नार्वेकर ने फोन पर उद्धव से भी कराई। उद्धव ने मुंबई आकर वार्ता का प्रस्ताव रखा पर शिंदे भाजपा से गठबंधन पर अड़े रहे। साफ कहा, पहले उद्धव रुख स्पष्ट करें, अगर गठबंधन पर राजी हैं तो पार्टी नहीं टूटेगी।

गुजरात में डांडिया खेलने वालों समझ लो महाराष्ट्र में तलवार से तलवार भिड़ेगी
महाराष्ट्र में सियासी संकट और उद्धव सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे की बगावत के बीच शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में भाजपा पर हमला बोला है। शिवसेना ने सामना में लिखा, महाराष्ट्र की सरकार को गिराने के लिए भाजपा वाले एक भी मौका नहीं छोड़ते हैं। ढाई वर्ष पूर्व अजीत पवार प्रकरण शुरू हुआ था। उसमें सफलता नहीं मिली। अब वही बेचैन आत्माएं एकनाथ शिंदे की गर्दन पर बैठकर ऑपरेशन कमल कर रही हैं। सामना में शिवसेना ने लिखा, मुंबई पर कब्जा करना है तो शिवसेना को अस्थिर करो यही महाराष्ट्र द्रोहियों की नीति है, लेकिन महाराष्ट्र सयानों का राज्य है। उन्होंने भागने का प्रयास किया तो उन्हें मारा-पीटा गया। शिवसेना ने कहा, महाराष्ट्र पर वार करने वाले, महाराष्ट्र से बेईमानी करने वालों का क्या होगा? फितूर का बीज बोने वालों का क्या होगा? धर्म के मुखौटे के नीचे अधर्म का साथ देने वालों को जनता माफ करेगी क्या? ये ज्वलंत सवाल है। गुजरात की भूमि पर फड़फड़ाने वाले ये इतिहास एक बार फिर समझ लो कि गुजरात में ये मंडली जरूर डांडिया खेले लेकिन महाराष्ट्र में तलवार से तलवार भिड़ेगी, ये निश्चित है।

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