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विचार
खरी खरी : इंदौर एक रेलगाड़ी , जिसके एक दो नहीं बल्कि छह इंजन है
अनदेखा दौर,
इग्नोर... इग्नोर... इग्नोर...
और हमारा इंदौर
शायद ही देश में कोई ऐसा शहर होगा,
जो इतनी संभावनाओं के बावजूद इतनी उपेक्षा का शिकार हुआ हो,
जितना हमारा इंदौर होता जा रहा है
कभी देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान…
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कुछ कहानियाँ आईना बन जाती हैं
कुछ कहानियाँ केवल मनोरंजन नहीं करतीं, वे मन में बरसों से चुप बैठे विचारों को भी जगा देती हैं।कुछ दिन पहले मैंने एक तुर्किश सीरियल देखना शुरू किया। शुरुआत में वह केवल एक कहानी थी, लेकिन जैसे-जैसे उसके पात्रों का संघर्ष, आत्मसम्मान,…
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निर्णय से पहले धारणा : घमंड, पूर्वाग्रह और टूटते विश्वास का मनोविज्ञान
( डॉ. शिशिर पंडित की कलम से)क्या हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ सत्य नहीं, बल्कि उसकी बनाई गई छवि निर्णय तय करती है?किसी भी सभ्य समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी आर्थिक समृद्धि, तकनीकी प्रगति या राजनीतिक स्थिरता नहीं होती;…
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बेहद हसीन था वो पल…
कानों की बालियां ......जब जब तुम्हें देखा फूलों से कोई ख़्वाब सामहका थाबरसते सावन में आरजूओं का कारवांतुम्हारी ही यादों में जिया थानूर की बूंदें कानों कीबालियों में जो पहनी मैनेएक कतरा चांद का…
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