पत्नी अस्पताल में भर्ती, पति भटक रहा कुछ ढूंढने तभी , राजेंद्र नगर थाने से आया फोन
पति आश्चर्य से बोला - पुलिस ऐसा भी कर सकती है
पुलिस विभाग के सम्मान में चार चांद लगा दिए राजेंद्र नगर थाने के प्रधान आरक्षक दीपक सोनी ने

आदित्य उपाध्याय, इंदौर । आज के समय में पुलिस की छबि पहले जैसी नहीं रही और ना ही पहले जैसा रहा समय । कहे ना कही पुलिस के सम्मान में आम जनता की सोच धीरे धीरे ही सही लेकिन पुलिस की कार्यशैली देख बदल जरूर रही है ।
इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला इंदौर के राजेंद्र नगर थाने में , जहां एक नेक , ईमानदार और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित प्रधान आरक्षक दीपक सोनी चोइथराम मंडी क्षेत्र तरफ एक प्रकरण की जांच हेतु पहुंचे और तभी उनकी पैनी नजर सड़क पर धूल से लिपटे एक पर्स पर पड़ी ।सोनी ने पर्स उठाया और आसपास लोगों से पूछताछ कर पर्स मालिक का पूछा ।जानकारी नहीं मिलने पर सोनी ने अपना नम्बर कुछ लोगो को दे दिया और बोला कि यदि कोई पर्स का पूछे तो मेरा नंबर दे देना । इसके बाद सोनी अपनी जांच में लग गए ।
कुछ समय बाद जब सोनी राजेंद्र नगर थाने पहुंचे और पर्स खोला तो उसमें जरूरी दस्तावेज , कार्ड्स और अस्पताल संबंधी कुछ रसीद मिली । जिसमें उस व्यक्ति का नंबर था जिसकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थी । सोनी ने नरेंद्र राजपूत निवासी शहडोल ( वर्तमान निवास राऊ पिगडंबर) को फोन लगाकर सारी जानकारी ली ।जब यह तय हो गया कि यह पर्स राजपूत का ही है तो सोनी ने उन्हें थाने बुलवा लिया ।
जब राजपूत इंदौर के राजेंद्र नगर थाने पहुंचे और प्रधान आरक्षक दीपक सोनी ने उन्हें उनका पर्स दिया तो राजपूत भावुक हो गए और उन्होंने देखा कि जो सामान उसमें था यथावत वैसा ही है और लगभग 15 हजार रुपए भी उसी स्थिति में रखे है जिस तरह उन्होंने रखे थे । राजपूत ने कहा कि पत्नी अस्पताल में भर्ती है और मैं फल लेने मंडी आया तभी मेरा पर्स कही गिर गया ।एक तरफ पत्नी की चिंता और ऐसे में पर्स का गिर जाना कितना कष्टदाई होता है ।मै उसे तलाश करने इधर उधर भटक रहा था तभी राजेंद्र नगर थाने से फोन आया और मेरी मेहनत की कमाई का फल मुझे मिल गया ।
राजपूत ने कहा कि पहले मुझे पुलिस की कार्यशैली की जानकारी कुछ थी लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हु कि इंदौर पुलिस की छबि साफ सुधरी और ईमानदार है ।
वहीं , प्रधान आरक्षक दीपक सोनी ने बताया कि मुझे खुशी है कि किसी के काम आ सका ।राजपूत की पत्नी अस्पताल में भर्ती है और ऐसे में पर्स गिर जाना बहुत ही तकलीफदायक होता है। सोनी ने कहा कि यदि इसी तरह इंसान एक दूसरे की निः स्वार्थ मदद करता रहे तो कोई दुखी नहीं रहेगा ।मैंने अपना फर्ज निभाया है । सोनी ने बताया कि जो महिला अस्पताल में भर्ती है उसने एक बेटी को जन्म दिया है।
बहरहाल , इंदौर पुलिस अपने कर्तव्य के प्रति सजग और सक्रिय है ।इसका ताजा उदाहरण इंदौर में राजेंद्र नगर थाने के प्रधान आरक्षक दीपक सोनी ने दे ही दिया है , बस अब जरूरत है आम जनता को भी पूरी ईमानदारी के साथ पुलिस की मदद करने की ।
