पर्यावरण के लिए हानिकारक सिंगल यूज़ प्लास्टिक आज से बंद

ज्योति राजावत, इंदौर । केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। यानी आज से देश भर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बनी किसी भी वस्तु की बिक्री करते पाए जाने पर जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। राज्य सरकारें इस प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करेंगी। सिंगल यूज प्लास्टिक का उत्पादन, वितरण, भंडारण करने के साथ ही इसकी बिक्री करने वाली इकाईयों को राज्य सरकारों द्वारा बंद करवाया जाएगा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इस प्रतिबंध की सूचना 28 जून को ही दे दी थी।

सरकार के फैसले के खिलाफ व्यापार संगठनों ने आवाज उठाई। उनका कहना है कि पहले सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक का विकल्प ढूंढें और बाद में इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए। इधर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने चेताया कि इस प्रतिबंध का उल्लंघन करते कोई पाया गया तो उसके खिलाफ उचित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाएगा, इसके अलावा जेल भी हो सकती है। इसके अंतर्गत 1 लाख रुपये के जुर्माने के अलावा 5 साल तक की सज़ा हो सकती है।

मंत्रालय द्वारा बैन का पालन सुनिश्चित करने के लिए बहुत से कंट्रोल रूम, राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर तैयार किए गए हैं। आपको बता दें कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बने उत्पाद जो प्रतिबंधित हुए हैं – गुब्बारे लगाने वाली प्लास्टिक स्टिक, झंडे, ईयरबड्स, प्लेट्स, चम्मच, कप, गिलास, स्ट्रॉ, ट्रे, छुरी, कैंडी स्टिक्स, आईसक्रीम स्टीक, पैकिंग वाली प्लास्टिक, इत्यादि।

*जाने , आखिर क्यों लगाया गया है बैन -*

आपको बता दें कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक सड़ बने प्लेट्स या कप वगैरह में रखे गर्म खाद्य पदार्थों के सेवन से कैंसर का खतरा है। यही नहीं, सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल से पर्यावरण को बहुत ज़्यादा नुकसान हो रहा है। यह प्लास्टिक उत्पाद एक बार इस्तेमाल किये जाने के बाद ज़मीन या पानी मे डंप कर दिए जाते हैं । इससे ज़मीन तो बंजर होती है, साथ ही पानी मे रहने वाले जलीय जंतुओं का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है। इन्हें जलाने पर भी हानिकारक गैसे निकलती है। इसलिए देखा जाए तो सिंगल यूज़ प्लास्टिक उत्पाद पर्यावरण के सबसे बड़े दुश्मन हैं, जिन्हें बैन करने से प्रकृति की सुंदरता और लोगों के स्वास्थ्य, दोनों में बढ़ोतरी होगी।

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