विधायक उपाध्याय के अनशन से प्रदेश सरकार में हलचल
दतिया हार के बाद फिर एक बड़ा विरोध

प्रयास न्यूज, कैलारस । कैलारस स्थित शक्कर कारखाने की सरकारी संपत्तियों के विक्रय तथा कारखाना परिसर की संपत्तियों को एमएसएमई को हस्तांतरित किए जाने की कार्रवाई के विरोध में विधायक पंकज उपाध्याय ने आज स्वतंत्रता दिवस से शक्कर कारखाना प्रांगण में आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया। विधायक के इस विरोध प्रदर्शन ने प्रदेश सरकार में हलचल मचा दी है । जिसका सबसे बड़ा कारण दतिया उपचुनाव की हार है । विरोध के स्वर उठने से सरकार के कई दिग्गजो की नींद हराम हो गई है ।
उन्होंने ने कहा कि कैलारस शक्कर कारखाने को पुनः प्रारंभ करने की क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में गन्ने का उत्पादन हो सकता है तथा कारखाने के पुनः संचालन से हजारों किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े परिवारों को रोजगार एवं आर्थिक मजबूती मिल सकती है। इसके बावजूद सरकार द्वारा कारखाने को पुनः संचालित करने के बजाय उसकी परिसंपत्तियों के विक्रय एवं हस्तांतरण की कार्रवाई किया जाना क्षेत्र के किसानों और नागरिकों के हितों के विपरीत है। शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति एवं क्षेत्र के किसानों द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित शासन के विभिन्न स्तरों पर सैकड़ों पत्र प्रेषित कर कारखाने को पुनः प्रारंभ किए जाने का अनुरोध किया जा चुका है। एवं विधानसभा के माध्यम से भी लगातार कारखाने की स्थिति, सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई तथा उसे पुनः संचालित किए जाने की संभावनाओं के संबंध में जानकारी मांगी गई, लेकिन उनके प्रश्नों को अपेक्षित जानकारी एवं स्पष्ट उल्लेख के बिना निरस्त किए जाने से क्षेत्र की जनता में निराशा और आक्रोश है।
उपाध्याय ने कहा कि यह आमरण अनशन केवल किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं है, बल्कि कैलारस शक्कर कारखाने को बचाने, किसानों के भविष्य की रक्षा करने और क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए संघर्ष है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कारखाने की परिसंपत्तियों के विक्रय एवं एमएसएमई को हस्तांतरण की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए तथा विशेषज्ञों की समिति गठित कर कारखाने को पुनः प्रारंभ किया जाए ।

विधायक पंकज उपाध्याय के आमरण अनशन के समर्थन में कई नेता पहुंचे । फूल सिंह बरैया ने मंच से कहा कि हम सरकार की ईट से ईंट बजा देंगे एवं बादल सरोज ने कहा, पंकज उपाध्याय की अनशन पर रहने की क्षमता 1 महीने से अधिक है।
बहरहाल , विधायक के 15 अगस्त से आमरण अनशन पर बैठने की सूचना ने मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा दी है वही , इस विषय से जुड़े कई किसानों को उम्मीद है कि पंकज के संघर्ष को सफलता जरूर मिलेगी ।
Prayas News MP
