इंदौर नगर निगम के 10 हजार कर्मचारियों को धमका रहे अधिकारी !
इंदौर के कांग्रेस नेताओं का आरोप

प्रयास न्यूज, इंदौर ।देश में स्वच्छता का सिरमौर बनाने वाले इंदौर नगर निगम कर्मचारी आज खुद शोषण, अपमान और आर्थिक लूट का शिकार हो रहे हैं। बीते दो महीनों से नगर निगम द्वारा मास्टर, विनियमित एवं स्थायी कर्मचारियों की तनख्वाह से एक हजार से तीन हजार रुपये तक जबरन कटौती की जा रही है, जिससे शहर के लगभग 10 हजार से अधिक सफाई कर्मियों और निगम कर्मचारियों का जीवन-यापन संकट में पड़ गया है।
यह आरोप लगाए है इंदौर के कांग्रेस नेता जिला कांग्रेस सेवादल के कार्यवाहक अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल और ब्लॉक अध्यक्ष गिरीश जोशी ने ।
नेताओं ने कहा कि सबसे गंभीर और निंदनीय तथ्य यह है कि इस वेतन कटौती को लेकर न तो कोई लिखित आदेश मौजूद है और न ही लेखा विभाग व स्थापना शाखा कोई जवाब देने को तैयार है। जब कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई के बारे में सवाल पूछते हैं, तो उन्हें धमकाकर चुप कराने की कोशिश की जाती है। यह रवैया पूरी तरह तानाशाही, मजदूर-विरोधी और गैर-कानूनी है।
खंडेलवाल एवं जोशी ने कहा कि जो कर्मचारी दिन-रात नालियों, कचरे और गंदगी के बीच काम कर शहर को स्वच्छता में नंबर-1 बना रहे हैं,उन्हीं कर्मचारियों की तनख्वाह काटना सीधी-सीधी लूट है। यह नगर निगम का असली चेहरा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई के इस दौर में वेतन कटौती का मतलब कर्मचारियों के घर का चूल्हा बुझाना है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना आज हजारों कर्मचारियों के लिए असंभव होता जा रहा है, लेकिन नगर निगम प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।
नेताओं ने मांग की है कि निगम कर्मचारियों की कटी हुई पूरी राशि तुरंत लौटाई जाए,वेतन कटौती से संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के नाम सार्वजनिक किए जाएं,कर्मचारियों को धमकाने वाले अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह लूट और दमन तुरंत बंद नहीं हुआ, तो कांग्रेस सेवा दल और नगर कांग्रेस कमेटी सड़क से सदन तक उग्र आंदोलन करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जो नगर निगम अपने कर्मचारियों का सम्मान नहीं कर सकता, वह इंदौर की जनता के भरोसे के लायक नहीं है। कर्मचारियों की तनख्वाह पर डाका डालने वाली इस व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
