उज्जैन संभागायुक्त ने की संभाग कलेक्टरों की बैठक

राजस्व वसूली के लिए विशेष अभियान चलाएं
संभाग के दूसरे जिलों के नवाचारों को सभी जिले अपनाएं
पीएचई द्वारा पूर्ण कार्यों को शत-प्रतिशत हस्तान्तरित कर नागरिकों को पेयजल योजना का शीघ्र लाभ दिलवाया जाए
लोकसेवा ग्यारंटी अधिनियम में समय सीमा में कार्य ना होने पर संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाए
26 जनवरी 2026 के पूर्व 01 अक्टूबर तक के सभी राजस्व प्रकरण निराकृत करें
सम्भागायुक्त सिंह ने प्रथम कलेक्टर्स कान्फ्रेंस में निर्देश दिए

प्रयास न्यूज , देवास । संभागायुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल भवन के द्वितीय तल स्थित सभागार में उज्जैन संभाग के समस्त जिलों की कलेक्टर्स कान्फ्रेंस बुधवार को आयोजित की गई। बैठक में संभाग के समस्त जिलों में चल रही योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा समयबद्ध निराकरण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। सभी जिलों के कलेक्टर्स ने एजेंड़ा अनुरूप अपने – अपने जिलों की जानकारी पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की। इस अवसर पर उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह, शाजापुर कलेक्टर, आगरमालवा कलेक्टर प्रीति यादव, मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग,नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह उपस्थित रहे।
संभागायुक्त सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि राजस्व वसूली के प्रकरणों में नवाचार करते हुए कार्यवाही करें। पटवारी रिपोर्ट के लंबित प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण किया जाए। विगत 01 अक्टूबर से पूर्व के सभी लंबित राजस्व प्रकरणों (नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन) का आगामी 26 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत समय-सीमा में सेवा प्रदान न करने पर संबंधित अधिकारियों पर लगातार जुर्माना लगाया जाए, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यों को गति प्रदान की जाए। जिलों में विकास प्राधिकरण को संबल दे और अधिकारी नियुक्त करें, जिससे जिले में विकास की गति बढ़ जाए।
उन्होंने निर्देश दिये कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत डिजिटल आजीविका रजिस्टर में लखपति दीदी की प्रविष्टि तथा प्रत्येक जिले की सभी पंचायतों में कम से कम एक एलआईसी दीदी बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य करने, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पीएचई विभाग द्वारा किए पूर्ण कार्यों का शत-प्रतिशत हैंडओवर सुनिश्चित कर नागरिकों को शीघ्र योजनाओं का लाभ दिलाने, जो विभाग नवीन भवनों में शिफ्ट हो गए है, उन विभागों की पुराने भवनों में को लाइब्रेरी में परिवर्तित करने के निर्देश दिए ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को अध्ययन करने के लिए स्थान मिल सकें। शासकीय विद्यालयों में ई-अटेण्डेंस को लेकर निर्देश दिए कि सभी जिलों के विद्यालयों मे शिक्षकों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित की जाए एवं उपस्थिति अनुरूप ही उन्हें वेतन दिया जाए। कृषि क्षेत्र के अंतर्गत किसानों को लगातार फर्टिलाइजर उपलब्ध कराया जाए एवं कस्टम हायरिंग सेंटरों द्वारा किसानों को कृषि यत्रों के उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए ।
जिलों में किए जा रहे नवाचार की संभागायुक्त ने प्रशंसा की –
बैठक में संभाग के सभी जिलों मे किये जा रहे नवाचारों को भी बताया गया। देवास जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में बच्चों के खेलने, कूदने, टहलने एवं बुजूगों को स्वच्छंद वातावरण उपलब्ध कराने के लिए देवास बाल वाटिका का निर्माण किया जा रहा है एवं सभी पेक्सों से कीटनाशक विक्रय कराने के लिए, कम्पनी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा जिसके रजिस्ट्रर संस्थाओं पर ही किटनाशक विक्रय किया जाए और कस्टम हायरीग सेंटर को पेक्स से जोड़ा जाए। उज्जैन जिले द्वारा प्रोजेक्ट एआई शाला के माध्यम से बच्चों को डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें 100 से अधिक शालाओं में एआई साक्षरता प्रदान की जायेंगी।
मंदसौर जिले द्वारा राजस्व रिकॉर्ड में कृषकों को कृषि कार्य के लिए खेतों पर जाने के लिए परम्परागत रास्तों का सीमांकन, अतिक्रमण मुक्त करना एवं नक्शों में चिन्हांकन किया गया। मंदसौर में खेत, कॉलोनी मार्ग से संबंधित विवादों के निराकरण के लिए मौके पर जाकर कार्यवाही की जाती है और संतुष्टी के साथ विवादों को समाप्त किया जाता है। सरकारी संपत्तियों का जनहित में पुन: उपयोग किया गया । जिसमें जनहित के लिए आंगनवाडी संचालन, उपस्वास्थ्य केंद्र एवं NRC, रेन बसेरा, विभागीय प्रशिक्षण आदि का संचालन किया जा रहा है एवं आयुष्मान मंदिरों द्वारा डे टाईम में कुपोषित बच्चों को सुपोषित किया जा रहा है । नीमच जिले द्वारा हर्बल मंडी के लिए जगह चिंहित की गई। इसके साथ ही लखपति दीदी बनाने के लिए एलआईसी दीदी बनाया जा रहा है।
बैठक में साईबर तहसील योजना, सीएम/सीएस लंबित प्रकरणों, सीएम हेल्पलाईन, भू-अर्जन,सीएम किसान, पीएम किसान, प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी नरेगा आदि विषयों पर चर्चा कर समीक्षा की गई ।
