महू-सनावद सेक्शन दो हिस्सों में बनाया जाएगा

इंदौर। रतलाम-इंदौर-अकोला ब्राडगेज प्रोजेक्ट १४ साल बाद भी अधर में लटका हुआ है। हद तो यह है कि इस प्रोजेक्ट के लिए इस बार सबसे ज्यादा ८८८ करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। बावजूद इसके रेल मंडल अफसर इस प्रोजेक्ट को लेकर कतई गंभीर नहीं है। इस प्रोजेक्ट में महू-सनावद सेक्शन को ब्राडगेज लाइन करने की डेटलाइन मार्ट २०२६ तय करने के बाद भी कोई काम शुरू नहीं किया गया।
उल्लेखनीय है कि महू-सनावद सेक्शन दो हिस्सों में बनाया जाएगा। इसमें पहला हिस्सा सनावद-मुख्तारा-बलवाड़ा मार्च २०२४ तक पूरा करना है, लेकिन रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए काम ही शुरू नहीं किया। गत माह मोरटक्का स्थित नर्मदा नदी पर ब्राडगेज ब्रिज बनाने के लिए टेंडर भी जारी किए गए थे, जिसे सप्ताह भर में ही निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही महू- मुख्तियार-बलवाड़ा के बीच रूट सर्वे रिपोर्ट अभी तक ओके नहीं हुई है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इस बार भी प्रोजेक्ट डेटलाइन तक पूरा नहीं हो पाएगा। देखा जाए तो इस बार रेल प्रोजेक्ट के लिए सबसे ज्यादा ८८८ करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। शुरूआत में रेलवे ने सनावद-बलवाड़ा सेक्शन के बीच टेंडर प्रोसेस शुरू की थी, लेकिन आज तक टेंडर जारी नहीं हुआ। वहीं नर्मदा नदी पर ब्रिज बनाने के लिए टेेंडर तो जारी किया, लेकिन सप्ताहभर में ही निरस्त भी कर दिया। वहीं महू-बलवाड़ा के बीच जिस एजेंसी को रूट सर्वे की रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया था, उसने बीच में ही काम छोड़ दिया। इसके बाद नई एजेंसी को यह काम सौंपा गया है। करीब तीन माह बाद भी इस प्रोजेक्ट को लेकर रेलवे विभाग ने एक कदम भी नहीं बढाया है। इधर, डीआरएम विनीत गुप्ता का कहना है कि नर्मदा नदी पर ब्रिज को लेकर जल्द ही नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा। साथ ही इस प्रोजेक्ट को समय सीमा में पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.