शोध को बढावा देने के लिए डीएवीवी में तीन महापुरूषों के नाम पर शोधपीठ की स्थापना

इंदौर। शोध को बढावा देने के उद्देश्य से डीएवीवी ने महापुरूषोंं के नाम पर तीन नई शोधपीठ की स्थापना की है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने एक गणित अध्ययन केंद्र भी बनाया है, जिसमें नई तकनीक और पद्धतियां छात्रों को बताई जाएगी। इसके लिए ३४ लाख रुपए की लागत से तमाम संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
देखा जाए तो राज्य में पहली बार अनोखी पहल करते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने ३४ लाख रुपएकी लागत से तीनों शोधपीठों के लिए न केवल संसाधन जुटाए हैं, बल्कि सेमिनार और कार्यशालाओं के आयोजन की रूपरेखा बन रही है। आमतौर पर सहजता से न मिलने वाली शोध सामग्री भी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही एक गणित अध्ययन केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है। यहां गणित की नई तकनीकों और पद्धितियों पर अध्ययन होगा और इसकी जानकारी छात्रों को भी दी जाएगी। बताया जाता है कि शोध से जुड़े काम शुरू भी हो गए हैं।
इन महापुरूषों के नाम पर किया नामकरण
सूत्रों के अनुसार, तीनों शोधपीठों का नाम तीन महापुरूषों के नाम पर किया गया है। यह महात्मा गांधी , संत रविदास एवं संत सिंगाजी है। तीनों शोधपीठों में इन महापुरूषों से जुड़ी सामग्री, साहित्य, चित्र एवं अन्य संबद्ध सामग्रियों को एकत्र किया जाएगा। संत सिंगाजी शोधपीठ के लिए दस लाख, गांधी शोधपीठ के लिए आठ लाख एवं संत रविदास शोधपीठ के लिए छ: लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।इसके अतिरिक्त, गणित अध्ययन केंद्र के लिए दस लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। शोधपीठ के तहत सेमिनार, कार्यशाला और विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

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