रिश्ता… एक अनोखी कविता
रिश्ता....तेरा मेरा रिश्ता है जन्मों का रिश्तारक्त से सिंचा,स्नेह से पाला ,ममता से दुलारा।कभी-कभी जब मैं खामोश हो जाती हूं। तेरे स्नेह भरे नयन सवाल करते। मेरी खामोशी में छुपे दर्द को पढ़ लिया करते। बस यूं ही अपनी…
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