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साहित्यकार

रिश्ता… एक अनोखी कविता

रिश्ता....तेरा मेरा रिश्ता है जन्मों का रिश्तारक्त से सिंचा,स्नेह से पाला ,ममता से दुलारा।कभी-कभी जब मैं खामोश हो जाती हूं। तेरे स्नेह भरे नयन सवाल करते। मेरी खामोशी में छुपे दर्द को पढ़ लिया करते। बस यूं ही अपनी…
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चलते दृश्य और विचार स्पंदन का विमोचन 17 दिसंबर को

इंदौर : सुप्रसिद्ध लेखिका वंदना पुणतांबेकर द्वारा लिखित लघुकथा संग्रह चलते दृश्य और काव्य संग्रह विचार स्पंदन नामक दो पुस्तको का विमोचन 17 दिसंबर को मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति में किया जाएगा ।आयोजन में मुख्य अथिति वरिष्ठ…
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