लक्ष्मी तत्व की जागृति से संतोष प्राप्त होता है गृहलक्ष्मी परिवार की देवी है
मनुष्य के भीतर ही सारा विश्व समाया हुआ है। हमारे पेट में ही संतोष, शांति और समाधान का स्थान है जिसे योग शास्त्र में नाभि चक्र कहा जाता है । इसमें साक्षात लक्ष्मी विष्णु जी विराजमान हैं। आत्म साक्षात्कार प्राप्त कर जब हम नियमित सहजयोग…
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