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नोबल

आप लड़ते रहो , मै सुलह करवाता रहूंगा, नोबल जो चाहिए

बचपन से मुझे लोगों के झगड़े सुलझाने का शौक है। हुआ यूं कि मैने गलती से कही पंचतंत्र की वो कहानी पढ़ ली थी। जिसमें एक बंदर दो बिल्लियों के झगड़े में दोनों के हिस्से की रोटी खा लेता है।आप लोगों ने उससे क्या सीख ली, मै नहीं जानता!…
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