खामोश निगाहें और गुलाब पर बारिश की बूंदे
यादों का सिलसिला.....................तुमने मुझे जो सुर्ख गुलाबउपहार में दिया थावो उपहार नहींमेरी सांसों को महकतीयादों का सिलसिला दिया थावो सुर्ख गुलाबों की भीनी भीनी महक थीजो कविता की पुस्तक में गुलाबी…
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