नागपंचमी पर भगवान महाकाल व नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए अलग-अलग कतार लगेगी

दो अगस्त को नागपंचमी पर भगवान महाकाल व नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए अलग-अलग कतार लगेगी। महापर्व पर भस्म आरती दर्शन करने वाले भक्तों को बेगमबाग वाले मार्ग से फैसिलिटी सेंटर स्थित शंख द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
नागपंचमी की व्यवस्थाओं के संबंध में मंगलवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने एसपी सत्येंद्रकुमार शुक्ला तथा उन्हे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मंदिर परिक्षेत्र का दौरा किया। कलेक्टर ने कहा कि महापर्व पर देश-विदेश से हजारों भक्त भगवान महाकाल व नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने उज्जैन आएंगे। भक्तों को कम समय में सुविधापूर्वक भगवान के दर्शन हों, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जाने चाहिए। महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर नागपंचमी के दिन साल में केवल एक बार भक्तों के लिए खोला जाता है। इस बार भी एक अगस्त की रात्रि 12 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो दो अगस्त की मध्य रात्रि 12 बजे तक चलेगा। मंदिर समिति ने पहली बार भक्तों को नागचंद्रेश्वर मंदिर में प्रवेश देने के लिए महाकाल मंदिर परिसर में फोल्डिंग ओवर ब्रिज का निर्माण किया है। 30 मीटर लंबे तथा तीन मीटर चौड़े पुल निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 31 जुलाई को रविवार का अवकाश, एक अगस्त को श्रावण मास का तीसरा सोमवार तथा दो अगस्त को नागपंचमी का महापर्व होने से तीन दिन भारी भीड़ रहेगी।
