…ओर चांद ने लिख दी चकोर के लिए इबारत
चाहत के गीत (लघुकथा) सितारों जड़े नीले अम्बर में पूर्णिमा का चांद झिलमिला रहा था।चांदनी भी अपना रुपहला घूंघट ओढ़े चांद के संग संग सितारों की राह पर चल रही थी।तभी उसने देखा चकोर चाहत का हौसला अपने पंखों में भर चांद को छूने के लिए…
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