रोजाना हो रही 20 टन फूलों की खपत

इंदौर। शहर में निगम चुनावों के चलते फूलों की भारी डिमांड के चलते रेट में दो से तीन गुना तक इजाफा हो गया है। इंदौर की फूल मंडी में अब महाराष्ट्र्र के नासिक समेत देवास, उज्जैन और शाजापुर आदि इलाकों से गेंदा, गुलाब, सेवंती, बीजली व अन्य जो फूल आ रहे हैं, उससे नेताओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है। शहर में रोजाना 20 टन फूलों की खपत हो रही है।
नगर चुनावों के चलते वोट मांगने घर-घर जा रहे पार्षद व महापौर उम्मीदवारों के स्वागत सत्कार के चलते फूल मंडी में फूलों का संकट गहरा रहा है। ऐसा बहुत साल बाद देखने को मिल रहा है। गुलाब, गेंदा समेत कई प्रकार के मंडी में आते ही दोगुनी कीमत पर बिक रहे हैं। फूलों साथ से फूलमालाएं भी अब दुगने रेट में बिक रही है। जो माला 50 रुपए में आती थी अब वह 100 रुपए में दी जा रही है। यही स्थिति 20 व 10 रुपए वाली फूलमालाओं को लेकर भी देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यह स्थिति बाजार में मतदान तक रहेगी।
स्वागत में नहीं छोड़ रहे कसर – ऐसी स्थिति लंबे समय बाद निगम चुनाव में बनी है। कोरोना के कारण चुनाव नहीं हो पाने की वजह से भी इस बार प्रत्याशियों से लेकर पार्टियों के कार्यकर्ता पार्षद बनने जा रहे नेता के स्वागत सत्कार में भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते, जिसके चलते स्वागत सत्कार के लिए फूल व फूल मालाओं के भाव आसमान छू रहे हैं। शहर की फूल मंडी में प्रतिदिन महाराष्ट्र के नासिक समेत देवास, उज्जैन और शाजापुर आदि इलाकों से गेंदा, गुलाब, सेवंती अथवा अन्य जो फूल आ रहे हैं, उससे चुनावी मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि इन दिनों फूलों के दाम मंडियों में भी दुगने हो चुके हैं। यह स्थिति प्रचार खत्म होने तक बनी रहने की संभावना है। चोइथराम फूल मंडी में 52 दुकानें हैं। इनमें से 20 दुकानों से सिर्फ डेकोरेशन के फूलों का व्यपार किया जाता है। जबकि 25 दुकानों से सजावट के फूलों के साथ ही सभी प्रकार के देशी फूलों का व्यापार होता है।
